स्थानीय सूर्यास्त (सायं 05:40 PM) से प्रारंभ। मुख्य 7 दीये प्रज्वलित करने का श्रेष्ठ काल।
चेन्नई में दीपावली 2026 महालक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त
चेन्नई में प्रातः गंगा स्नान के बाद संध्या वेला में माँ महालक्ष्मी एवं भगवान कुबेर का पूजन 06:05 PM से 08:08 PM तक संपन्न किया जाएगा।
रविवार, 8 नवंबर 2026 (कार्तिक अमावस्या)
चेन्नई के लिए संपूर्ण पावन समय-सारणी
स्थिर लग्न में पूजा करने से घर और कारोबार में अखंड लक्ष्मी का वास रहता है।
समाप्ति: 12:31 PM on Nov 9, 2026
कार्तिक अमावस्या के प्रदोष काल व्यापिनी समय में ही महालक्ष्मी पूजन किया जाता है।
चेन्नई के भौगोलिक अक्षांश एवं देशांतर के आधार पर सटीक गणना।
चेन्नई में महालक्ष्मी एवं गणेश पूजन की शास्त्रीय विधि
कार्तिक अमावस्या के पावन अवसर पर चेन्नई में शुभ मुहूर्त (06:05 PM से 08:08 PM) के दौरान इस प्रामाणिक विधि से पूजन करें:
- पवित्रिकरण एवं चौकी स्थापना: पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें। लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला रेशमी वस्त्र बिछाएं और उस पर अक्षत से नवग्रह एवं अष्टदल कमल बनाएं।
- कलश स्थापना: तांबे या पीतल के कलश में जल भरें, उसमें सुपारी, सिक्का, फूल और आम के पत्ते रखें। ऊपर नारियल पर लाल कलावा (मौली) लपेटकर स्थापित करें।
- श्री गणेश पूजन: सर्वप्रथम विघ्नहर्ता भगवान गणेश का रोली, मोदक, दूर्वा और पुष्प से ध्यान करें ताकि सभी विघ्न दूर हों।
- महालक्ष्मी ध्यान व पंचामृत अभिषेक: माँ लक्ष्मी को कमल के पुष्प अर्पित करें और दूध, दही, शहद, घी व शर्करा युक्त पंचामृत से स्नान कराएं। महामंत्र "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः" का 108 बार जप करें।
- कुबेर एवं बही-खाता पूजन: तिजोरी एवं व्यापारिक बही-खातों (चोपड़ा) पर कुमकुम से स्वास्तिक बनाकर कुबेर देव से बरकत की प्रार्थना करें।
- दीपक प्रज्वलन एवं महाआरती: गाय के घी का अखंड दीपक जलाएं तथा घर के मुख्य द्वार और आंगनों में 21 या 51 दीये सजाएं। अंत में कपूर आरती करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: चेन्नई में दीपावली 2026
चेन्नई में दिवाली 2026 महालक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त क्या है?
चेन्नई में 8 नवंबर 2026, रविवार को महालक्ष्मी पूजन का सबसे श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त शाम 06:05 PM से 08:08 PM तक (2 घंटे 03 मिनट) रहेगा। यह समय प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का अत्यंत पावन संयोग है।
चेन्नई में प्रदोष काल का समय क्या है?
चेन्नई में प्रदोष काल स्थानीय सूर्यास्त (सायं 05:40 PM) से प्रारंभ होकर रात 08:15 PM तक रहेगा। प्रदोष काल में मिट्टी के दीये जलाना और पूजा करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।
कार्तिक अमावस्या तिथि कब से कब तक रहेगी?
कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर 2026 को 11:27 AM on Nov 8, 2026 से शुरू होकर 9 नवंबर 2026 को 12:31 PM on Nov 9, 2026 पर समाप्त होगी। महालक्ष्मी पूजन 8 नवंबर की रात्रि में ही संपन्न होगा।
दिवाली पूजन में स्थिर वृषभ लग्न का क्या धार्मिक महत्व है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृषभ एक 'स्थिर' लग्न है। स्थिर लग्न में महालक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी की पूजा करने से घर और व्यापार में धन-धान्य और सुख-समृद्धि का स्थाई वास होता है।
अन्य प्रमुख शहरों में दीपावली 2026 मुहूर्त
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